

Credit : Social Media


सनातन धर्म में शंख की ध्वनि बेहद शुभ मानी जाती है. हर शुभ कार्य में शंख जरूर बजाया जाता है.


शंख का इतिहास पौराणिक कथाओं के साथ प्राचीन ग्रंथों से भी जुड़ा हुआ है.


भगवान विष्णु और कृष्ण सदैव शंख को अपने हाथ में धारण करते हैं.


पवित्र ग्रंथों के मुताबिक शंख बजाने का सबसे महत्वपूर्ण पहलू इसकी पवित्रता और सकारात्मकता है.


सनातन धर्म में किसी पूजा और आरती समारोह की शुरुआत को चिह्नित करने के लिए शंख जरूर बजाया जाता है.


कुछ घरों में परिवार के सदस्य प्रतिदिन सुबह 4 बजे सूर्योदय से पहले या उसके दौरान शंखनाद करते हैं.

