

Credit : AI Generated


बारिश गर्मी से राहत जरूर देती है, लेकिन इस मौसम में कूलर का इस्तेमाल सही तरीके से करना बेहद जरूरी है. एक छोटी-सी गलती कमरे की ठंडक को उमस में बदल सकती है.


अक्सर लोग बारिश शुरू होते ही कूलर में पहले की तरह पानी भर देते हैं. लेकिन क्या हर समय ऐसा करना सही है? जवाब मौसम की नमी पर निर्भर करता है.


बारिश के दौरान हवा में पहले से ही नमी ज्यादा होती है. ऐसे में पानी वाला कूलर हवा में और नमी बढ़ा देता है, जिससे कमरा चिपचिपा और असहज महसूस होने लगता है.


अगर बाहर बारिश हो रही है या ह्यूमिडिटी बहुत ज्यादा है, तो कूलर में पानी भरने से बचें. ऐसे समय सिर्फ फैन मोड का इस्तेमाल करना ज्यादा बेहतर हो सकता है.


जब मौसम साफ हो और हवा में नमी कम हो, तब जरूरत के हिसाब से कूलर में पानी भर सकते हैं. इससे ठंडी और आरामदायक हवा मिलेगी.


मानसून में कूलर की टंकी, पैड और फिल्टर की नियमित सफाई करें. गंदा पानी और जमे हुए पैड बदबू, बैक्टीरिया और फंगस का कारण बन सकते हैं.


कूलर चलाते समय कमरे में हल्का वेंटिलेशन जरूर रखें. इससे ताजी हवा आती रहेगी और कमरे में नमी कम महसूस होगी.


मानसून में कूलर का सही इस्तेमाल मौसम की नमी देखकर करें. सही समय पर पानी भरने और नियमित सफाई से ठंडक भी मिलेगी और उमस भी नहीं बढ़ेगी.

