



भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी उन शख्सियत में थे, जिन्हें दुश्मन भी सराहते थे.


सही मायनों में वह भारतीय राजनीति में अजातशत्रु थे यानी जिनका राजनीति में कोई दुश्मन नहीं था.


25 जनवरी, 1924 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में जन्मे अटल बिहारी वाजपेयी को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाज़ा गया है.


बीमार होने के चलते 16 अगस्त, 2018 में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया. लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी देश के दिग्गज नेता थे.


1997 में जनता पार्टी सरकार से विदेश मंत्री बने और संयुक्त राष्ट्र संघ के एक सत्र में हिंदी भाषण भी दिया था. जिसकी देश-दुनिया में तारीफ हुई.


भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी ने 16 मई, 1996 को देश के 10वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी. दुर्भाग्य से बहुमत नहीं जुटा पाए तो उन्हें त्याग-पत्र देना पड़ गया.


2 वर्ष के भीतर 19 मार्च 1998 को फिर मौका आया उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी ने देश के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ दिलाई.

