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इस साल आषाढ़ अमावस्या 13 जुलाई से शुरू होकर 14 जुलाई तक रहेगी. उदया तिथि के अनुसार 14 जुलाई को अमावस्या का व्रत और स्नान-दान करना शुभ माना जाएगा.


ब्रह्म मुहूर्त में पवित्र नदी या घर पर गंगाजल मिले जल से स्नान करें. इसके बाद जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और दक्षिणा का दान करें.


आषाढ़ अमावस्या को पितरों का आशीर्वाद पाने और जीवन के दोषों को दूर करने के लिए विशेष दिन माना जाता है.


इस दिन तिल, जल और कुश से पितरों का तर्पण करने से पितृ दोष शांत होने और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होने की मान्यता है.


अमावस्या के दिन क्रोध, झूठ और तामसिक भोजन से बचें. भगवान शिव और विष्णु की पूजा करना भी शुभ माना जाता है.


मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा से स्नान, दान और पूजा करने से पापों का क्षय होता है, पितरों का आशीर्वाद मिलता है और घर में सुख-समृद्धि आती है.


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