Things to Avoid in Navratri: शारदीय नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा की आराधना, आस्था और साधना का विशेष अवसर माना जाता है. इन नौ दिनों में भक्त माता रानी के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते हैं और घरों में कलश स्थापना कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं. इस बार नवरात्रि का शुभारंभ 11 अक्टूबर से होने जा रहा है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान पूजा-पाठ के साथ कुछ खास नियमों का पालन करना भी जरूरी माना जाता है. मान्यता है कि छोटी-छोटी गलतियां साधना में बाधा डाल सकती हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि नवरात्रि के नौ दिनों में किन कामों से परहेज करना चाहिए.
नवरात्रि में बाल और नाखून काटने से क्यों बचते हैं?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के दौरान बाल कटवाना, नाखून काटना और दाढ़ी बनवाना शुभ नहीं माना जाता है. यही वजह है कि कई लोग इन कामों को नवरात्रि शुरू होने से पहले ही पूरा कर लेते हैं. विशेष रूप से कलश स्थापना करने वाले और नौ दिनों तक व्रत रखने वाले श्रद्धालु इस परंपरा का पालन करते हैं. हालांकि, यह धार्मिक मान्यता और परंपरा का विषय है, कोई वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नियम नहीं. श्रद्धालु अपनी आस्था और पारिवारिक परंपराओं के अनुसार इसका पालन करते हैं, ताकि इन दिनों अपना पूरा ध्यान पूजा-पाठ और साधना पर केंद्रित रख सकें.
मांस-मदिरा और तामसिक भोजन से बनाएं दूरी
नवरात्रि के दौरान खानपान को लेकर भी विशेष सावधानी बरतने की परंपरा है. धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, इन नौ दिनों में मांस, मदिरा, लहसुन और प्याज का सेवन करने से बचना चाहिए. इसके बजाय फल, दूध, सात्विक भोजन और व्रत में खाए जाने वाले पदार्थों को प्राथमिकता दी जाती है. माना जाता है कि सात्विक आहार से मन शांत रहता है और पूजा-पाठ में एकाग्रता बनाए रखने में मदद मिलती है. व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए खानपान के साथ दिनचर्या में संयम बरतना भी महत्वपूर्ण माना जाता है. अखंड ज्योति स्थापित करने वाले भक्त भी अपनी धार्मिक परंपराओं के अनुसार विशेष नियमों का पालन करते हैं.
इन नियमों का रखें ध्यान
नवरात्रि केवल पूजा-अर्चना का ही नहीं, बल्कि आत्मसंयम और सकारात्मकता का भी पर्व है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन दिनों किसी का अपमान करने, कटु वचन बोलने और घर में बेवजह विवाद करने से बचना चाहिए. परिवार के सदस्यों के साथ प्रेमपूर्वक व्यवहार करना, जरूरतमंदों की सहायता करना और मन में अच्छे विचार रखना इस पर्व की भावना से जुड़ा है. श्रद्धालुओं का विश्वास है कि सच्चे मन से मां दुर्गा की आराधना और सात्विक आचरण अपनाने से घर में सुख-शांति और खुशहाली बनी रहती है. इसलिए नवरात्रि के दौरान बाहरी नियमों के साथ अपने व्यवहार और विचारों की शुद्धता पर भी ध्यान देना चाहिए.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. भारत 24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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