Purvanchal Expressway Accident: रविवार सुबह यूपी के सुल्तानपुर जिले में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुए दर्दनाक हादसे ने देवरिया के एक गांव को गहरे दुख में डुबो दिया. चंडीगढ़ से सूबेदार सत्यवान सिंह का पार्थिव शरीर लेकर देवरिया आ रही एंबुलेंस एक ट्रक से टकरा गई. हादसे में एंबुलेंस में सवार चार लोगों की मौत हो गई.
मृतकों की पहचान सत्यवान सिंह के बेटे गौरव कुमार, भाई राम समुझ सिंह, भतीजे राजन और एंबुलेंस चालक जसपाल के रूप में हुई है. हादसे के बाद परिवार में अब कोई पुरुष सदस्य नहीं बचा है. सत्यवान सिंह के परिवार में उनकी पत्नी और बेटी हैं. हादसे की खबर के बाद दोनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
किडनी की बीमारी से हुई थी सूबेदार सत्यवान की मौत
सत्यवान सिंह देवरिया के रुद्रपुर थाना क्षेत्र के गलिया दुधैला गांव के रहने वाले थे. वह किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे. तबीयत बिगड़ने पर उन्हें इलाज के लिए चंडीगढ़ ले जाया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. इसके बाद परिवार के लोग सेना की एंबुलेंस से उनका पार्थिव शरीर लेकर देवरिया लौट रहे थे.
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के माइलस्टोन 79 के पास हादसा
बताया गया कि एंबुलेंस में सत्यवान सिंह के पार्थिव शरीर के साथ उनका बेटा गौरव, भाई राम समुझ और भतीजा राजन मौजूद थे. वहीं, उनकी पत्नी और बेटी पीछे दूसरी गाड़ी से आ रहे थे. हादसा पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के माइलस्टोन 79 के पास हुआ. टक्कर इतनी जोरदार थी कि एंबुलेंस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया.
बेटे, भाई-भतीजे और एंबुलेंस चालक की मौत
हादसे में एंबुलेंस चालक जसपाल और सत्यवान सिंह के बेटे गौरव की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं, उनके भाई राम समुझ और भतीजे राजन ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. पुलिस के मुताबिक, सूबेदार सत्यवान सिंह के पार्थिव शरीर को सम्मान के साथ थाने में रखा गया है.
सुल्तानपुर एसपी ने क्या बताया?
सुल्तानपुर एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि सूबेदार सत्यवान सिंह की चंडीगढ़ में मौत हुई थी. इसके बाद उनका बेटा और परिवार के अन्य सदस्य पार्थिव शरीर लेकर देवरिया जा रहे थे. इसी दौरान सुल्तानपुर में एंबुलेंस हादसे का शिकार हो गई और उसमें सवार चार लोगों की मौत हो गई.
घर में मची चीख-पुकार
हादसे की खबर गांव पहुंचते ही मृतकों के घरों में मातम छा गया. रिश्तेदार और ग्रामीण उनके घर पहुंचने लगे. घरों के बाहर लोगों की भीड़ जुट गई. गांव में हर कोई इस बात से दुखी था कि एक शव को घर लाते समय परिवार के चार लोगों की जान चली गई.
फौजी के भाई डाक विभाग में थे, भतीजा सभासद था
सत्यवान सिंह के भाई राम समुझ सिंह तरसारा डाकघर में बड़े बाबू के पद पर काम करते थे. वहीं उनका भतीजा राजन नगर पंचायत में सभासद था. हादसे की खबर के बाद परिवार में कोहराम मच गया. रिश्तेदारों और ग्रामीणों की भीड़ मृतकों के घर पहुंच रही है. पूरे रुद्रपुर इलाके में शोक का माहौल है.
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