PM Modi Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चिन्मय अमृत महोत्सव के दौरान अपने आध्यात्मिक अनुभव साझा करते हुए स्वामी चिन्मयानंद के साथ हुई मुलाकात को याद किया. उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से पूज्य गुरुदेव के होलोग्राम के दर्शन और उनसे संवाद करने का अनुभव ऐसा था, मानो वह 33 साल पीछे लौट गए हों. प्रधानमंत्री ने चिन्मय मिशन को केवल एक संस्था नहीं, बल्कि एक विचार और आध्यात्मिक संकल्प बताया.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि चिन्मय मिशन की पहचान केवल एक संस्था तक सीमित नहीं है. यह एक ऐसा विचार है, जिसकी नींव आध्यात्मिक चिंतन और ऋषि परंपरा पर आधारित है. उन्होंने कहा कि दशकों की यात्रा के दौरान मिशन ने अपने संकल्पों और विचारों के माध्यम से लोगों को आध्यात्मिकता से जोड़ने का काम किया है. पीएम मोदी के मुताबिक, जो विचार चिन्मय है, वह अमर और अमृतमय है. इसी भावना को ध्यान में रखते हुए चिन्मय अमृत महोत्सव का नाम भी सार्थक है. उन्होंने दुनिया भर में मिशन से जुड़े संतों, आचार्यों, साधकों और अनुयायियों को इस अवसर पर बधाई दी.
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