Delhi Seemapuri Building Collapse: दिल्ली के नई सीमापुरी इलाके में बुधवार दोपहर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक चार मंजिला पुरानी इमारत अचानक भरभराकर गिर गई. हादसा ईदगाह मछली मंडी के पास हुआ, जहां मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई. अब तक 11 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है, जिनमें तीन की मौत हो गई है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, मंगलवार रात आए भूकंप के बाद इमारत में दरारें दिखाई दी थीं और बुधवार को मकान मालिक इसे खाली भी करवा रहा था. इसी दौरान करीब 3:15 बजे इमारत ढह गई.
25 गज के प्लॉट पर बनी थी इमारत
बताया जा रहा है कि यह इमारत करीब 20 से 25 साल पुरानी थी और DUSIB की जमीन पर लगभग 25 वर्ग गज के प्लॉट में बनी थी. इसमें ग्राउंड फ्लोर के अलावा तीन मंजिलें थीं. इमारत गिरने से आसपास की कुछ इमारतों की दीवारें भी क्षतिग्रस्त हो गईं, जबकि पास की मस्जिद की बाउंड्री वॉल को भी नुकसान पहुंचा. इलाका घनी आबादी वाला होने के कारण राहत और बचाव अभियान के दौरान रेस्क्यू टीमों को काफी सावधानी बरतनी पड़ रही है.
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचीं टीमें
इमारत गिरने की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, MCD और DDMA की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं. अधिकारियों के अनुसार, सूचना मिलने के करीब 15 से 20 मिनट के भीतर शुरुआती राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंच गया था. इसके बाद NDRF की टीम भी रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल हुई. भारी मलबे और लिंटर को मशीनों और उपकरणों की मदद से सावधानीपूर्वक हटाया जा रहा है.
मलबे में अभी भी लोगों के दबे होने की आशंका
शाहदरा के डीएम अजय कुमार के मुताबिक, अब तक 11 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया है. स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर करीब पांच लोगों के अभी भी मलबे के नीचे फंसे होने की आशंका है. हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि पूरा मलबा हटने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि अंदर कितने लोग फंसे हैं. रेस्क्यू टीम लगातार तलाशी अभियान चला रही है.
मलबे से महिला ने पिता को किया फोन
हादसे के बाद कई परिवार अपनों की सलामती को लेकर परेशान हैं. स्थानीय लोगों और परिजनों का कहना है कि मलबे में दबे कुछ लोगों की ओर से फोन कॉल भी आए हैं. एक महिला ने अपने पिता को फोन कर बताया कि वह और उसकी बेटी मलबे के नीचे फंसी हैं. इसके बाद परिजन लगातार बचाव दल से दोनों को जल्द बाहर निकालने की गुहार लगा रहे हैं.
आसपास मौजूद लोगों के भी चपेट में आने की आशंका
डीएम के मुताबिक, इमारत के सामने सड़क पर कुछ लोग कूड़ा बीनने का काम करते थे और आसपास बच्चे भी खेलते थे. ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि इमारत गिरने के समय वहां मौजूद कुछ लोग भी मलबे की चपेट में आ सकते हैं. रेस्क्यू टीमों के पहुंचने से पहले स्थानीय लोगों ने भी मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकालने में मदद की. फिलहाल NDRF, MCD, दिल्ली फायर सर्विस, पुलिस और DDMA की संयुक्त टीमें अभियान में जुटी हैं.
8 घायलों का अस्पताल में इलाज जारी
मलबे से बाहर निकाले गए 11 लोगों में से आठ घायलों को राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, ताहिरपुर में भर्ती कराया गया है. घायलों में 56 वर्षीय मोमिन मिर्जा, 3 वर्षीय अबदान, 28 वर्षीय अब्दुल रहमान, 28 वर्षीय देवरुद्दीन, 50 वर्षीय सलमा, 34 वर्षीय छोटे, 35 वर्षीय सकीना और 30 वर्षीय समद शामिल हैं. अस्पताल में सभी घायलों का इलाज जारी है.
तीन मौतों की पुष्टि, तलाश अभियान जारी
हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. मृतकों में करीब 12 वर्षीय एक अज्ञात बच्ची, 21 वर्षीय गुलफसा और एक अज्ञात बच्चा शामिल है. बताया गया है कि गुलफसा करीब चार महीने की गर्भवती थीं. फिलहाल मृत बच्चे की पहचान नहीं हो सकी है. घटनास्थल पर राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है और टीमें मलबे के अंदर फंसे अन्य लोगों की तलाश में जुटी हैं.
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