Asian Para Games 2026: एशियन पारा गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है. पारा बैडमिंटन खिलाड़ी नवीन शिवाकुमार ने पुरुषों के SL4 इवेंट में गोल्ड मेडल जीतकर देश के स्वर्ण पदकों की संख्या 24 पहुंचा दी. फाइनल में उन्होंने ओलंपिक मेडलिस्ट फ्रेडी सेतियावान को सीधे गेमों में 21-9, 21-16 से हराया. नवीन की इस जीत के साथ भारत का कुल 100 पदकों का आंकड़ा छूने का लक्ष्य भी और करीब आ गया है.
🚨🇮🇳 NAVEEN SIVAKUMAR WIN GOLD FOR INDIA! 🥇🔥 🔥 Naveen dominated Indonesian star Fredy Setiawan 🇮🇩 a multiple Paralympic medallist, defeating him in straight games to clinch GOLD in the Men’s Singles SL4 final! 📊 21–9, 21–17 🥇A commanding victory on biggest stage as Naveen https://t.co/tZm9GVP6t6
— Sports India (@SportsIndia3) October 23, 2026
नवीन शिवाकुमार ने दूसरी बार जीता मेडल
नवीन शिवाकुमार के लिए एशियन पारा गेम्स 2026 खास रहे हैं. SL4 इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने से पहले वह पुरुष डबल्स के SL3-SU5 वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल भी अपने नाम कर चुके हैं. इस तरह नवीन ने प्रतियोगिता में अपना दूसरा पदक हासिल किया. फाइनल में फ्रेडी सेतियावान के खिलाफ उनका प्रदर्शन दमदार रहा और उन्होंने 21-9, 21-16 से मुकाबला जीतकर भारत की पदक तालिका में एक और गोल्ड जोड़ दिया.
नितेश कुमार भी बैडमिंटन में जीत चुके हैं गोल्ड
बैडमिंटन में नवीन शिवाकुमार भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाले दूसरे खिलाड़ी बने. उनसे पहले नितेश कुमार ने SL3 वर्ग के फाइनल में भारतीय खिलाड़ी प्रमोद भगत को हराकर गोल्ड मेडल जीता था. भारतीय पैरा शटलरों की इन जीतों ने एशियन पारा गेम्स में देश के प्रदर्शन को और मजबूत किया है.
हरविंदर और विजय की जोड़ी ने तीरंदाजी में दिलाया गोल्ड
बैडमिंटन से पहले भारतीय तीरंदाज हरविंदर और विजय की जोड़ी ने पुरुष रिकर्व डबल्स के फाइनल में शानदार प्रदर्शन किया था. दोनों ने चीन के युन डुओ और झाओ लिक्सुए को 5-1 से हराकर स्वर्ण पदक जीता. यह भारत का 23वां गोल्ड मेडल था, जिसके बाद नवीन शिवाकुमार की जीत ने स्वर्ण पदकों की संख्या 24 कर दी.
मुश्किलों को पीछे छोड़ हरविंदर ने बनाई पहचान
हरविंदर सिंह की कहानी संघर्ष और हौसले की मिसाल है. डेंगू के इलाज के दौरान हुई जटिलताओं के कारण उनके पैरों की शक्ति प्रभावित हुई थी. इसके बाद उन्होंने तीरंदाजी को अपना लक्ष्य बनाया और 2012 के लंदन पैरालंपिक से प्रेरणा ली. उन्होंने 2017 पैरा तीरंदाजी विश्व चैंपियनशिप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदार्पण किया, जहां वह सातवें स्थान पर रहे.
हरविंदर को पहली बड़ी सफलता 2018 में मिली, जब उन्होंने पैरा एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीता. टोक्यो पैरालंपिक में उन्होंने कांस्य पदक जीतकर भारत को तीरंदाजी में पहला पैरालंपिक पदक दिलाया. इसके बाद पेरिस पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अपनी उपलब्धियों में एक और बड़ी कामयाबी जोड़ी. उनके योगदान के लिए 2025 में उन्हें पद्म श्री से भी सम्मानित किया गया.
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