चीन के गुप्त अंतरिक्ष यान शेनलोंग को लेकर एक नई जानकारी सामने आई है. अमेरिकी सैन्य खुफिया एजेंसी ने इसकी सैटेलाइट तस्वीर जारी की है. तस्वीर में यह अंतरिक्ष यान कक्षा में एक दूसरे यान से जुड़ा दिखाई दे रहा है. इससे चीन के स्पेस मिशन को समझने में मदद मिल सकती है. यह तस्वीर अंतरिक्ष में चीन और अमेरिका के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा को भी दिखाती है.
यह तस्वीर वैंटोर के वर्ल्डव्यू-3 सैटेलाइट से ली गई है. इसका रिजॉल्यूशन 4.5 सेंटीमीटर प्रति पिक्सेल बताया गया है. तस्वीर को अमेरिकी डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी (DIA) की एक नई रिपोर्ट में शामिल किया गया है. यह रिपोर्ट अंतरिक्ष में दूसरे देशों से मिलने वाले संभावित खतरों का आकलन करती है.
तस्वीर में रोबोटिक शेनलोंग स्पेसप्लेन एक ऐसे उपग्रह से जुड़ा नजर आ रहा है, जिसके सोलर पैनल खुले हुए हैं. हालांकि, अभी तक इस उपग्रह की पहचान नहीं हो पाई है.
पेलोड दरवाजों से मिल सकता है मिशन का सुराग
तस्वीर की सबसे खास बात यह है कि शेनलोंग के पेलोड-बे के दरवाजे खुले हुए हैं. इस हिस्से में सामान या उपकरण रखे जाते हैं. इन दरवाजों से यह समझने में मदद मिल सकती है कि चीन का यह अंतरिक्ष यान अपने मिशन के दौरान क्या कर रहा है. शेनलोंग को फरवरी 2026 में लॉन्च किया गया था.
चीन का कहना है कि इस यान के जरिए ऐसी तकनीकों का परीक्षण किया जा रहा है, जो भविष्य में अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण इस्तेमाल को आसान और कम खर्च वाला बना सकती हैं.
पहले भी अंतरिक्ष में चीजें छोड़ चुका है शेनलोंग
शेनलोंग पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों ने पहले भी इसे अंतरिक्ष में कुछ वस्तुएं छोड़ते हुए देखा है. जून में अमेरिकी अंतरिक्ष खुफिया कंपनी लियोलैब्स ने इस यान के पास एक नई वस्तु का पता लगाने की जानकारी दी थी.
इससे पहले 2024 में शेनलोंग के तीसरे मिशन के दौरान भी ऐसी घटना सामने आई थी. वहीं, 2023 में अपने दूसरे मिशन के समय भी इस स्पेसप्लेन ने एक वस्तु छोड़ी थी.
कैसा दिखता है चीन का स्पेसप्लेन?
तस्वीर में शेनलोंग एक छोटे शटल जैसा दिखाई देता है. इसके छोटे पंख, दो खड़ी टेल और बीच में सामान रखने की जगह है. यान के पिछले हिस्से में दोनों तरफ सोलर पैनल भी लगे हैं. इसका डिजाइन काफी हद तक अमेरिकी स्पेसप्लेन X-37B जैसा है.
हालांकि, अभी तक ऐसा कोई सबूत सामने नहीं आया है, जिससे पता चले कि चीन के इस यान में हथियार लगे हैं या इसका इस्तेमाल किसी आक्रामक मिशन के लिए किया जा रहा है.
अमेरिका के पास भी है गुप्त स्पेसप्लेन
अमेरिका भी बोइंग के बनाए X-37B नाम के रोबोटिक स्पेसप्लेन का इस्तेमाल करता है. इसके मिशन और क्षमताओं के बारे में अमेरिका ने ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं की है. फरवरी 2025 में अमेरिकी स्पेस फोर्स ने पहली बार अंतरिक्ष में मौजूद X-37B की तस्वीर जारी की थी.
चीन और अमेरिका दोनों ही अपने अंतरिक्ष कार्यक्रमों पर काम कर रहे हैं. ऐसे में शेनलोंग की नई तस्वीर दोनों देशों के बीच अंतरिक्ष में आगे निकलने की कोशिश को दिखाती है.
चीन के स्पेसप्लेन प्रोग्राम में कितनी प्रगति?
चीन ने 2020 से अब तक स्पेसप्लेन के चार ज्ञात ऑर्बिटल मिशन पूरे किए हैं. इन मिशनों में दोबारा इस्तेमाल किए जा सकने वाले अंतरिक्ष यान से जुड़ी तकनीकों का परीक्षण किया गया है. चीन का सबसे नया मिशन 7 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था और उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, यह यान अभी भी कक्षा में मौजूद है.
चीन के स्पेसप्लेन कार्यक्रम में शेनलोंग और तेंग्युन दो प्रमुख मॉडल हैं. इनकी मदद से चीन भविष्य में अंतरिक्ष मिशनों को ज्यादा उपयोगी और कम खर्च वाला बनाने की दिशा में काम कर रहा है.