MLC Election 2026: देश के चार राज्यों में विधान परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक में विधान परिषद की कुल 28 सीटों पर आज मतदान होना है. इनमें उत्तर प्रदेश की 11 सीटों पर होने वाली वोटिंग पर खास नजर है. चुनाव को आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी और समाजवादी पार्टी के लिए अहम राजनीतिक परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है. मतदान को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए चुनाव आयोग और संबंधित जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं.
यूपी में 11 MLC सीटों पर मतदान
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की 11 सीटों पर आज मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. मतदान सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक निर्धारित है. इनमें पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं. स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में आगरा, मेरठ, इलाहाबाद-झांसी, लखनऊ और वाराणसी की सीटें शामिल हैं. वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ, काशी, आगरा, गोरखपुर-फैजाबाद, बरेली-मुरादाबाद और मेरठ की सीटों पर मतदान होना है.
मतदाता सूची में छोटी गलतियों पर नहीं रोका जाएगा वोट
मतदान से पहले उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने पात्र मतदाताओं के लिए अहम निर्देश जारी किए हैं. उन्होंने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची में नाम या अन्य विवरणों में मामूली लिपिकीय अथवा प्रिंटिंग संबंधी गलतियों के आधार पर किसी भी पात्र मतदाता को मतदान से वंचित नहीं किया जाना चाहिए. इस संबंध में सभी संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं, ताकि मतदाता बिना किसी अनावश्यक परेशानी के अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें.
लखनऊ में शराब की दुकानें रहेंगी बंद
विधान परिषद चुनाव के मद्देनजर राजधानी लखनऊ में आज शराब की दुकानों पर बिक्री बंद रखने का आदेश जारी किया गया है. जिला प्रशासन ने मतदान के दौरान शुष्क दिवस घोषित करते हुए शराब और अन्य मादक पदार्थों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया है. यह आदेश संबंधित लाइसेंसधारकों और अन्य निर्धारित प्रतिष्ठानों पर भी लागू होगा. वहीं, बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान के कारण मुरादाबाद में नर्सरी से कक्षा 12वीं तक के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है. प्रशासन ने शिक्षण संस्थानों को आदेश का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.
2027 विधानसभा चुनाव से पहले BJP और सपा की परीक्षा
उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव को बीजेपी और समाजवादी पार्टी के लिए आगामी विधानसभा चुनाव से पहले अहम मुकाबले के तौर पर देखा जा रहा है. इसी वजह से मतदान से पहले दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं. समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया है कि उसके समर्थक मतदाताओं को डराने और मतदान से रोकने की कोशिश की जा रही है. पार्टी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मामले में कार्रवाई की मांग की है. सपा का कहना है कि मतदान स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त माहौल में कराया जाना चाहिए.
सपा ने समर्थकों को धमकाने का लगाया आरोप
समाजवादी पार्टी की ओर से दिए गए ज्ञापन में कानपुर नगर, कानपुर देहात और उन्नाव समेत कई जिलों में अपने समर्थकों को निशाना बनाए जाने का आरोप लगाया गया है. पार्टी का दावा है कि पुलिसकर्मी कुछ मतदाताओं को चिह्नित कर उन्हें मतदान के दिन घर से बाहर नहीं निकलने की हिदायत दे रहे हैं. सपा ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ समर्थकों को कथित तौर पर फर्जी मुकदमों में फंसाने और गिरफ्तार कर जेल भेजने की धमकियां दी जा रही हैं. हालांकि, ये आरोप पार्टी की ओर से लगाए गए हैं.
इसके अलावा आगरा खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में दोहरे नाम दर्ज होने और नामों में गलतियों का मुद्दा भी उठाया गया है. सपा ने निर्वाचन अधिकारियों से मांग की है कि किसी भी पात्र मतदाता को वोट डालने से न रोका जाए. पार्टी ने मतदान के बाद प्रत्येक बूथ पर पड़े मतों का विवरण देने वाला फॉर्म-17सी मतदान एजेंटों को उपलब्ध कराने की मांग भी की है.
अखिलेश यादव ने बीजेपी पर लगाए आरोप
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी बीजेपी पर चुनाव में अनुचित तरीके अपनाने का आरोप लगाया है. उनका दावा है कि आचार संहिता का उल्लंघन करने और अधिकारियों के साथ स्कूल-कॉलेज प्रबंधन पर दबाव डालने के जरिए शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल करने की कोशिश की जा रही है. बीजेपी की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया के आधार पर खबर को अपडेट किया जा सकता है.
बिहार में भी 8 विधान परिषद सीटों पर मतदान
उत्तर प्रदेश के साथ बिहार में भी विधान परिषद की आठ सीटों के लिए मतदान होना है. इनमें चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं. मतदान सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक होगा, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को निर्धारित है. इन चुनावों में पटना स्नातक, दरभंगा स्नातक, तिरहुत स्नातक, कोसी स्नातक, पटना शिक्षक, दरभंगा शिक्षक, तिरहुत शिक्षक और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, चुनाव में 5.33 लाख से अधिक मतदाता और कुल 150 उम्मीदवार हैं. बीजेपी और जेडीयू सहित एनडीए के घटक दल अलग-अलग सीटों पर चुनाव मैदान में हैं.
पटना स्नातक सीट पर सबकी नजर
बिहार की आठ सीटों में पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र चर्चा में है. यहां जेडीयू के बाहुबली विधायक अनंत सिंह के जन सुराज उम्मीदवार अनुज सिंह के समर्थन में उतरने की बात सामने आई है. इस घटनाक्रम को जेडीयू प्रत्याशी नीरज सिंह के लिए चुनौती के रूप में देखा जा रहा है. इससे चुनावी मुकाबले को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं.
महाराष्ट्र की पांच सीटों पर भी वोटिंग
महाराष्ट्र में विधान परिषद की पांच सीटों के लिए भी आज मतदान होना है. इन सीटों पर कुल 182 उम्मीदवार मैदान में हैं. मतदान के लिए 2,419 केंद्र बनाए गए हैं, जहां 10,68,072 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. इस चुनाव में सत्ताधारी महायुति और विपक्षी महा विकास अघाड़ी के बीच मुकाबला है. बीजेपी ने नागपुर स्नातक, पुणे स्नातक और पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से उम्मीदवार उतारे हैं. वहीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने छत्रपति संभाजीनगर स्नातक सीट और शिवसेना ने अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से प्रत्याशी मैदान में उतारा है.
कर्नाटक की चार सीटों पर भी मुकाबला
कर्नाटक में विधान परिषद की चार सीटों के लिए मतदान होगा. इनमें दो स्नातक और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं. बताया जा रहा है कि पिछली बार इनमें से तीन सीटें बीजेपी और एक सीट कांग्रेस के पास थी. इस बार कांग्रेस और एनडीए के बीच मुकाबला है. इन सीटों के नतीजों से राज्य में राजनीतिक दलों की स्थिति को लेकर संकेत मिल सकते हैं. चारों राज्यों में मतदान के बाद अब सभी की नजर मतगणना और नतीजों पर रहेगी. खासकर उत्तर प्रदेश में शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के परिणामों को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के लिए अहम माना जा रहा है.
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