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तुलसी का पौधा अगर मुरझा गया है या उसकी ग्रोथ रुक गई है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. मॉनसून का मौसम तुलसी को फिर से हरा-भरा बनाने का सबसे अच्छा समय माना जाता है. सही देखभाल और कुछ आसान उपायों से पौधा तेजी से बढ़ सकता है.


मॉनसून में मिट्टी में नमी और अनुकूल तापमान के कारण तुलसी की जड़ें तेजी से फैलती हैं. इस मौसम में नई शाखाएं निकलने लगती हैं और पौधा ज्यादा घना दिखाई देने लगता है. नई तुलसी लगाने के लिए भी यह सबसे अच्छा समय होता है.


जब तुलसी का पौधा 4 से 6 इंच का हो जाए तो ऊपर की कोमल पत्तियों को हल्के हाथों से तोड़ दें. इस प्रक्रिया को पिंचिंग कहते हैं. इससे पौधा सिर्फ ऊपर नहीं बढ़ता, बल्कि चारों तरफ नई शाखाएं निकालकर घना होने लगता है.


तुलसी में मंजरी आने के बाद पौधा अपनी ऊर्जा बीज बनाने में लगाने लगता है, जिससे नई पत्तियां कम निकलती हैं. इसलिए हरी मंजरी दिखते ही उसे काट दें. अगर बीज चाहिए तो कुछ मंजरी को पकने के लिए छोड़ सकते हैं.


तुलसी की मिट्टी की हल्की गुड़ाई करने के बाद उसमें एक चौथाई चम्मच एप्सम सॉल्ट डालें. इसमें मौजूद मैग्नीशियम और सल्फर पत्तियों को हरा रखने में मदद करते हैं. साथ में नीम खली और इस्तेमाल की हुई सूखी चायपत्ती भी मिला सकते हैं.


सही धूप, संतुलित पानी, समय पर छंटाई और उचित खाद से तुलसी में 7 से 10 दिनों में नई शाखाएं निकल सकती हैं. हालांकि पौधे की ग्रोथ उसकी उम्र, मौसम और देखभाल पर भी निर्भर करती है.


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