



महाभारत के बारे में ज्यादातर लोगों को पूरी तरह जानकारी नहीं हैं. भीम द्वारा दु:शासन की छाती का खून पीना भी इनमें से एक है.


महाभारत में दुर्योधन के कहने पर दु:शासन द्रौपदी के केश (बाल) पकड़कर पूरी सभा में लेकर आया और सभी के सामने वस्त्रहरण करने कोशिश की.


द्रौपदी के वस्त्र हरण को देखकर भीम ने प्रतिज्ञा ली थी कि वे युद्ध में दु:शासन का वध कर उसकी छाती की खून पीएंगे.


कुरुक्षेत्र में युद्ध के दौरान मैदान में भीम ने अपनी प्रतिज्ञा पूरी की और दु:शासन का वध कर उसके छाती से सबके सामने उसका खून पीया.


युद्ध समाप्त होने के बाद जब पांडव हस्तिनापुर पहुंचे तो सबसे पहले महाराज धृतराष्ट्र और गांधारी के पास गए. गांधारी क्रोधित थी कि भीम ने दु:शासन का खून पीया है.


गांधारी को भीम ने बताया कि दु:शासन का खून सिर्फ दांतों तक पहुंचा था. वो खून पीया नहीं था. ये बात सुनकर गांधारी की क्रोध शांत हुआ.

