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हर हार्ट अटैक में सीने में तेज दर्द नहीं होता. कई बार बिना किसी बड़े लक्षण के भी हार्ट अटैक आ सकता है, जिसे साइलेंट हार्ट अटैक कहा जाता है. यह उतना ही खतरनाक होता है क्योंकि लोग इसके संकेत पहचान नहीं पाते.


अगर बिना ज्यादा मेहनत किए सांस फूलने लगे या हल्की गतिविधि में भी थकान महसूस हो, तो इसे सिर्फ कमजोरी न समझें. यह दिल से जुड़ी समस्या का शुरुआती संकेत हो सकता है.


पूरी नींद लेने के बाद भी दिनभर थकान रहना, शरीर में ऊर्जा की कमी महसूस होना या सामान्य कामों में भी कमजोरी लगना साइलेंट हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है.


सीने में दर्द न हो, लेकिन पेट में भारीपन, गैस, एसिडिटी, जी मिचलाना या अपच जैसा महसूस होना भी हार्ट अटैक का लक्षण हो सकता है. इसे बार-बार नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है.


बिना किसी वजह के ठंडा पसीना आना, चक्कर आना या अचानक कमजोरी महसूस होना भी दिल की परेशानी की ओर इशारा कर सकता है.


डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल, धूम्रपान करने वाले, 45 साल से अधिक उम्र के लोग और जिनके परिवार में हार्ट डिजीज का इतिहास हो, उनमें साइलेंट हार्ट अटैक का खतरा अधिक होता है.


अगर सांस फूलना, अचानक थकान, ठंडा पसीना, चक्कर या जबड़े, पीठ या हाथ में असामान्य दर्द जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. समय पर इलाज दिल की गंभीर क्षति से बचा सकता है.

