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किसी को घर मिला हिस्से में या फिर दुकां आई, मैं घर में सबसे छोटा था मेरे हिस्से में मां आई.


चलती फिरती हुई आंखों से अज़ां देखी है, मैंने जन्नत तो नहीं देखी है मां देखी है.


जरा सी बात है लेकिन हवा को कौन समझाए, दिये से मेरी मां मेरे लिए काजल बनाती है.


छू नहीं सकती मौत भी आसानी से इसको. यह बच्चा अभी मां की दुआ ओढ़े हुए है.


यूं तो अब उसको सुझाई नहीं देता लेकिन, मां अभी तक मेरे चेहरे को पढ़ा करती है.


वह कबूतर क्या उड़ा छप्पर अकेला हो गया, मां के आंखें मूंदते ही घर अकेला हो गया.

