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उर्दू अदब के मशहूर शायर मुनव्वर राणा ने रविवार देर रात दुनिया को अलविदा कह दिया.


लंबे वक्त से बीमार चल रहे थे और आखिरकार इस मशहूर शायर मुनव्वर राणा को ऊपरवाले ने छीन लिया.


2012 में उन्हें उर्दू साहित्य में उनकी सेवाओं के लिए शहीद शोध संस्थान द्वारा माटी रतन सम्मान से सम्मानित किया गया था.


26 नवंबर 1952 को जन्मे मशहूर शायर मुनव्वर राणा की लिखी कविता 'शाहदाबा' के लिए उन्हें 2014 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.


उनकी खूबी थी कि वह अपनी शायरी में हिंदी और अवधी शब्दों का प्रयोग करते थे और और फ़ारसी और अरबी से परहेज़ करते थे.

