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अयोध्या में निर्माणाधीन श्रीराम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के साथ 22 जनवरी, 2024 का दिन इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है.


देश के बहुसंख्यक हिंदू समाज का करीब 500 साल पुराना सपना अब साकार हुआ.


मुगल बादशाह बाबर के सिपहसालार मीर बाकी ने 1528 में अयोध्या में जिस विवादित स्थल पर मस्जिद का निर्माण कराया था, वह भगवान राम की जन्मभूमि है.


विवाद सिविल और हाईकोर्ट से होकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. शीर्ष अदालत की पांच जजों की पीठ के पक्ष में फैसले से सपना साकार होने के पहली कोंपल फूटी.


यह मंदिर 2025 तक पूरी तरह तैयार होगा.मंदिर का परिसर कुल 57 एकड़ का है, जिसमें से 10 एकड़ में मंदिर बनाया जाएंगा और यह 3 मंजिल का होगा.

