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भारतीय लोक कथाओं, वैदिक साहित्य और इतिहास में विष कन्याओं का अस्तित्व मिलता है.


मगध साम्राज्य के काल के दौरान विष कन्याओं का जिक्र मिलता है.


विष कन्याओं का इस्तेमाल शत्रुओं को मारने के लिए किया जाता था.


काफी कम उम्र लड़कियों को विष दिया जाता था और धीरे-धीरे इनका शरीर विषैला हो जाता था.


राजा-महाराजाओं के पास प्राचीन समय में विष कन्याएं हुआ करती थीं.


कहा जाता है कि चाणक्य भी विष कन्याओं के संपर्क में थे.


चाणक्य ने कई बार महाराजा चंद्रगुप्त की विष कन्याओं से रक्षा की.


विष कन्याएं कभी बीमार नहीं पड़ती थी, क्योंकि शरीर में विष की वजह से संक्रमण नहीं होता था.

