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गर्भावस्था के दौरान रोजाना हल्की वॉक करना मां और शिशु दोनों की सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है.नियमित वॉक शरीर को एक्टिव रखने, स्टैमिना बढ़ाने और प्रेग्नेंसी को अधिक आरामदायक बनाने में मदद कर सकती है.हालांकि, किसी भी नई एक्सरसाइज की शुरुआत से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.


रोजाना वॉक करने से शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है, जिससे मां और गर्भ में पल रहे शिशु तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व सही तरीके से पहुंचने में मदद मिलती है.इससे पैरों की सूजन और भारीपन जैसी समस्याएं भी कम हो सकती हैं.


प्रेग्नेंसी के दौरान बढ़ते वजन के कारण कमर दर्द और थकान आम समस्या होती है.नियमित हल्की वॉक मांसपेशियों को सक्रिय रखती है और शरीर की लचक बनाए रखने में मदद करती है, जिससे असहजता कम हो सकती है.


रोजाना टहलना स्वस्थ वजन बनाए रखने और ब्लड शुगर को संतुलित रखने में सहायक हो सकता है.इससे गर्भावधि मधुमेह (Gestational Diabetes) के जोखिम को कम करने में भी मदद मिल सकती है.


हल्की वॉक तनाव कम करने, मूड बेहतर रखने और रात में अच्छी नींद लाने में मदद कर सकती है.शारीरिक गतिविधि से एंडोर्फिन हार्मोन रिलीज होता है, जिससे मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर पड़ता है.


नियमित वॉक शरीर को सक्रिय रखती है और पेल्विक मसल्स को मजबूत बनाने में मदद कर सकती है.यह शरीर को प्रसव के लिए तैयार करने वाली स्वस्थ आदतों में से एक मानी जाती है, लेकिन इसकी तीव्रता हमेशा डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही रखें.


आरामदायक जूते पहनें, पर्याप्त पानी पिएं, बहुत तेज गति से न चलें और अगर चक्कर, दर्द, रक्तस्राव या किसी भी तरह की असहजता महसूस हो तो तुरंत वॉक रोककर डॉक्टर से संपर्क करें.सुरक्षित प्रेग्नेंसी के लिए डॉक्टर की सलाह सबसे महत्वपूर्ण है.

