Gold Price: 3 दिन की गिरावट के बाद सोने में धमाकेदार वापसी, एक झटके में इतने रुपये महंगा हुआ गोल्ड

Gold Price: सोने की कीमतों में लगातार गिरावट देखकर अगर आप सस्ता सोना खरीदने का इंतजार कर रहे थे, तो बाजार की ताजा चाल पर नजर डालना जरूरी है. तीन कारोबारी सत्रों तक कमजोर रहने के बाद गुरुवार, 15 अक्टूबर को सोने के वायदा भाव में जोरदार तेजी देखने को मिली.

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Gold Price: सोने की कीमतों में लगातार गिरावट देखकर अगर आप सस्ता सोना खरीदने का इंतजार कर रहे थे, तो बाजार की ताजा चाल पर नजर डालना जरूरी है. तीन कारोबारी सत्रों तक कमजोर रहने के बाद गुरुवार, 15 अक्टूबर को सोने के वायदा भाव में जोरदार तेजी देखने को मिली. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना एक ही दिन में ₹2,041 महंगा हो गया. इससे पहले लगातार तीन सत्रों में सोने की कीमतों में कुल ₹5,651 की गिरावट दर्ज की गई थी. अचानक आई इस तेजी ने एक बार फिर सोने की कीमतों को चर्चा में ला दिया है.

MCX पर ₹1.48 लाख के करीब पहुंचा सोना

वायदा बाजार में सोने की कीमतों में आई तेजी ने पिछले दिनों की गिरावट का कुछ हिस्सा वापस दिला दिया. MCX पर दिसंबर डिलीवरी वाले सोने का भाव ₹2,041 यानी करीब 1.4 फीसदी बढ़कर ₹1,47,889 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. इससे पहले सोना लगातार तीन कारोबारी सत्रों में करीब 4 फीसदी टूट चुका था. 9 अक्टूबर को इसकी कीमत ₹1,51,499 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई थी. इसके बाद आई गिरावट से निवेशकों के बीच सस्ते भाव पर खरीदारी का मौका बना, जिसका असर अब कीमतों में आई तेजी के रूप में दिखाई दे रहा है.

आखिर क्यों अचानक महंगा हुआ सोना?

सोने की कीमतों में आई तेजी के पीछे कई अहम वजहें मानी जा रही हैं. अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और गिरावट के बाद कम कीमत पर सोना खरीदने में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने से बाजार को सहारा मिला. जब सोने के भाव तेजी से नीचे आते हैं, तो कुछ निवेशक भविष्य में कीमत बढ़ने की उम्मीद में खरीदारी करते हैं. बाजार की भाषा में इसे वैल्यू बाइंग कहा जाता है. इसके अलावा, डॉलर की चाल और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां भी सोने की मांग तथा कीमतों को प्रभावित करती हैं.

ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म Lemonn के रिसर्च प्रमुख गौरव गर्ग के मुताबिक, अमेरिकी डॉलर हाल के ऊंचे स्तर से नीचे आया है, जिससे सोने जैसी कीमती धातुओं को समर्थन मिला. हालांकि, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से डॉलर की मांग को नियंत्रित करने के प्रयास भी घरेलू बाजार की दिशा पर असर डाल सकते हैं.

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की चमक लौटी

भारत ही नहीं, विदेशी बाजारों में भी सोने की कीमतों में उछाल दर्ज किया गया. न्यूयॉर्क के COMEX बाजार में दिसंबर डिलीवरी वाले सोने का वायदा भाव 66.80 डॉलर यानी करीब 2 फीसदी बढ़कर 4,174.70 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया. इससे पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी लगातार तीन कारोबारी सत्रों तक गिरावट देखने को मिली थी.

Choice Broking की कमोडिटी फंडामेंटल एनालिस्ट पिंकी यादव के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में पांच दिनों से जारी तेजी थमने से कीमती धातुओं पर दबाव कुछ कम हुआ. वहीं, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स अपने 18 महीने के ऊंचे स्तर से फिसलकर करीब 102 के आसपास आ गया. अमेरिकी सरकार के 10 साल के बॉन्ड पर मिलने वाला रिटर्न भी तीन सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गया, जिससे सोने की कीमतों को सहारा मिला.

अमेरिकी ब्याज दरों पर टिकी निवेशकों की नजर

सोने की कीमतों में आगे तेजी जारी रहेगी या फिर एक बार दोबारा गिरावट आएगी, यह काफी हद तक अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की नीतियों पर निर्भर कर सकता है. निवेशक महंगाई के आंकड़ों और ब्याज दरों को लेकर आने वाले संकेतों पर नजर बनाए हुए हैं. महंगाई उम्मीद से ज्यादा रहने के बाद ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है. फेडरल रिजर्व के अधिकारियों ने इस महीने ब्याज दरों को स्थिर रखने के संकेत दिए हैं, लेकिन भविष्य में दरें बढ़ने की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया है.

आमतौर पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका सोने पर दबाव डाल सकती है, क्योंकि सोना अपने आप में ब्याज नहीं देता. दूसरी ओर, डॉलर कमजोर होने और बॉन्ड यील्ड घटने से सोने को समर्थन मिल सकता है. यही वजह है कि आने वाले दिनों में डॉलर, कच्चे तेल और अमेरिकी ब्याज दरों से जुड़े घटनाक्रम सोने की चाल तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं.

क्या अभी सोना खरीदना सही रहेगा?

तीन दिन की गिरावट के बाद सोने की कीमतों में आई तेजी से खरीदारों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या खरीदारी के लिए यही सही समय है. हालांकि, एक दिन की तेजी या गिरावट के आधार पर बाजार की अगली दिशा का अनुमान लगाना मुश्किल है. अगर आप शादी-ब्याह या त्योहार के लिए सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो खरीदारी से पहले स्थानीय ज्वेलर से ताजा भाव जरूर पता कर लें.

यह भी ध्यान रखें कि MCX पर बताए गए भाव वायदा बाजार के हैं. इन्हें स्थानीय दुकानों पर मिलने वाले सोने के खुदरा भाव के बराबर नहीं माना जाना चाहिए. ज्वेलरी खरीदते समय शुद्धता, मेकिंग चार्ज और लागू टैक्स के कारण अंतिम कीमत अलग हो सकती है. निवेश का फैसला लेने से पहले अपनी जरूरत, बजट और जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखना जरूरी है.

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