Rahul Gandhi Protest: भारत में विरोध प्रदर्शन करना नागरिकों का मौलिक अधिकार है, लेकिन क्या इस अधिकार के नाम पर सार्वजनिक स्थानों और अदालतों के परिसर में किसी भी तरह की गतिविधि की जा सकती है? राहुल गांधी और कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को लेकर उठे इस सवाल पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है. इस मुद्दे पर सामने आए बयान में कहा गया कि प्रदर्शन का अधिकार संविधान के दायरे में रहकर ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए. प्रदर्शन शांतिपूर्ण होना चाहिए और जहां जरूरी हो, वहां संबंधित प्रशासन से अनुमति लेकर निर्धारित स्थल पर ही किया जाना चाहिए.
बयान में 10 और 11 अक्टूबर को कांग्रेस और राहुल गांधी की ओर से सुप्रीम कोर्ट तक प्रदर्शन करने के संदर्भ का जिक्र करते हुए सवाल उठाया गया कि आखिर इस तरह की गतिविधियों का औचित्य क्या था. वक्ता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट ऐसे संस्थान हैं, जहां न्यायिक प्रक्रिया के तहत मामलों की सुनवाई होती है. ऐसे में अदालत परिसर में भीड़ जुटाने और नारेबाजी करने को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है.
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