किरेन रिजिजू ने संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामले मंत्री का पदभार संभाला

    किरेन रिजिजू को मोदी कैबिनेट 3.0 में मंत्री बनाया गया है. रिजिजू को संसदीय कार्य मंत्री बनाया गया है. वह अरुणाचल की पश्चिम सीट से सांसद हैं.

    Kiren Rijiju takes charge as Minister of Parliamentary Affairs and Minority Affairs
    Kiren Rijiju takes charge as Minister of Parliamentary Affairs and Minority Affairs

    किरेन रिजिजू को मोदी कैबिनेट 3.0 में मंत्री बनाया गया है. रिजिजू को संसदीय कार्य मंत्री बनाया गया है. वह अरुणाचल की पश्चिम सीट से सांसद हैं. 2024 लोकसभा चुनाव में एक लाख से अधिक वोटों के अंतर से जीत दर्ज की है. इस बार रिजिजू को संसदीय कार्य मंत्री और अल्पसंख्यक कार्य मंत्री के रूप में अहम जिम्मेदारी दी गई है. मोदी कैबिनेट में वे नया चेहरा नही हैं बल्कि 2014 से बने हुए हैं.

    पीएम मोदी का आभार व्यक्त किया

    गहरी कृतज्ञता और जिम्मेदारी की मजबूत भावना के साथ, मैं माननीय प्रधान मंत्री श्री के दूरदर्शी नेतृत्व के तहत इसे साझा करते हुए सम्मानित महसूस कर रहा हूं. नरेंद्र मोदी जी मैंने अपने सहयोगियों के साथ नई दिल्ली में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री की भूमिका संभाली है.

    इस क्षमता में हमारे अविश्वसनीय राष्ट्र की सेवा करना एक विशेषाधिकार है और मैं इसकी प्रगति में योगदान देने के लिए समर्पित हूं.

     

    लोकसभा चुनाव में एनडीए को 292 सीट 

    बता दें कि 19 अप्रैल को शुरु हुए लोकसभा चुनाव 2024 के लिए सात चरणों में वोटिंग हुई. अंतिम फेज की वोटिंग 1 जून को हुई. देश के सभी 543 संसदीय सीटों के नतीजे एक साथ 4 जून को सामने आए. इसमें बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. पार्टी को 240 संसदीय सीटों पर जीत मिली है. वहीं एनडीए के साथ ये आंकड़ां 292 हो जाता है, जो कि स्पष्ट बहुमत के आंकड़ें 272 से ऊपर है. इसके बाद एनडीए दल की बैठक हुई. इसमें नरेंद्र मोदी को सत्ताधारी गठबंधन दल का नेता चुना गया और लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री चेहरे के लिए उनके नाम पर मुहर लगी. नरेंद्र मोदी ने 9 जून यानी रविवार को राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री पद की शपथ लिए. उनके साथ 70 और नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली.

    दूसरी तरफ कांग्रेस देश की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. कांग्रेस पार्टी को लोकसभा चुनाव में 99 संसदीय सीटों पर जीत मिली. अगर उनके एलायंस INDIA को मिला दिया जाए, तो ये आंकड़ां 234 हो जाता है, जो कि स्पष्ट बहुमत के आंकड़ें 272 से बहुत कम है.