Kal Ka Mausam 15 October: देश के कई हिस्सों में 15 अक्टूबर को मौसम का मिजाज अचानक बदल सकता है. कहीं मूसलाधार बारिश लोगों की मुश्किलें बढ़ाएगी, तो कहीं तेज हवाओं के साथ ओले गिरने की आशंका है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मौसम बुलेटिन के मुताबिक, उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून के प्रभाव से कई राज्यों में बारिश, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है. दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा, तमिलनाडु और केरल समेत कई क्षेत्रों में मौसम विभाग ने सतर्क रहने की सलाह दी है.
कहां-कहां बारिश और ओलावृष्टि की आशंका?
उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में 15 अक्टूबर को मौसम खराब रहने का अनुमान है. IMD के अनुसार, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. वहीं दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है. इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है. जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी बारिश और बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है.
दक्षिण भारत में मानसून का असर
दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून के प्रभाव से बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है. मौसम विभाग ने तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल, केरल और माहे के कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी कई जगह तेज बारिश हो सकती है. इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली चमकने की आशंका है. वहीं तेलंगाना और कर्नाटक के अंदरूनी इलाकों में झोंकेदार हवाओं के साथ बारिश की बौछारें पड़ सकती हैं.
मध्य और पूर्वी भारत में भी बदलेगा मौसम का मिजाज
बारिश और तेज हवाओं का असर मध्य एवं पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में भी दिखाई दे सकता है. छत्तीसगढ़, ओडिशा, विदर्भ और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है. इसके अलावा कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में बिजली चमकने के साथ छिटपुट बारिश हो सकती है. मौसम में इस बदलाव के दौरान लोगों को आकाशीय बिजली और तेज हवाओं से बचाव के लिए सावधानी बरतने की जरूरत है.
तटीय इलाकों में उमस, मछुआरों के लिए क्या है सलाह?
बारिश की गतिविधियों के बीच तटीय कर्नाटक और कोंकण-गोवा के कुछ क्षेत्रों में गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर सकती है. मौसम विभाग के बुलेटिन में इन इलाकों में गर्म और उमस भरी परिस्थितियां बने रहने की आशंका जताई गई है. उपलब्ध बुलेटिन के अनुसार, मछुआरों के लिए समुद्र में न जाने संबंधी चेतावनी जारी नहीं की गई है. हालांकि, मौसम की स्थिति तेजी से बदल सकती है, इसलिए लोगों को बाहर निकलने से पहले स्थानीय मौसम अपडेट देखने और गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों तथा पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी जाती है.
ये भी पढ़ें: रेलवे कर्मचारियों को दिवाली का तोहफा, 78 दिन के बोनस को मंजूरी, जानें कितने रुपये मिलेंगे