Gold Price Fall: देशभर में त्योहारों के बीच सोना-चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए सर्राफा बाजार से बड़ी खबर है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बुधवार को सोने की कीमतों में लगातार तीसरे दिन गिरावट दर्ज की गई. मजबूत होते रुपये और कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते सोना 1,800 रुपये सस्ता होकर 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया. चांदी की कीमतों में भी नरमी देखने को मिली और इसका भाव 5,000 रुपये गिर गया. लगातार हो रही इस गिरावट ने निवेशकों और खरीदारों का ध्यान कीमती धातुओं के बाजार की ओर खींचा है.
तीन दिनों में सोना ₹3,600 और चांदी ₹7,500 सस्ती
ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन के मुताबिक, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव 1,800 रुपये घटकर 1,50,800 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया. इससे पहले मंगलवार को यह 1,52,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था. चांदी की कीमत भी 5,000 रुपये टूटकर 2,21,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव 2,26,000 रुपये प्रति किलोग्राम था. 9 अक्टूबर से अब तक सोने की कीमत 3,600 रुपये और चांदी की कीमत 7,500 रुपये घट चुकी है. आंकड़े बताते हैं कि घरेलू बाजार में दोनों कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है.
मजबूत रुपये ने सोने की कीमतों पर बढ़ाया दबाव
सोने और चांदी की घरेलू कीमतों में गिरावट की एक बड़ी वजह रुपये की मजबूती भी है. बुधवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 19 पैसे चढ़कर 95.17 पर बंद हुआ. यह लगातार चौथा कारोबारी सत्र रहा, जब रुपये में बढ़त दर्ज की गई. रुपये को भारतीय रिजर्व बैंक के उन कदमों से समर्थन मिला, जिनका उद्देश्य डॉलर की निकट अवधि की मांग और सट्टेबाजी से जुड़े विदेशी मुद्रा जोखिम को सीमित करना था. चूंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी का कारोबार डॉलर में होता है, इसलिए रुपये की मजबूती से इनके आयात की लागत कम हो सकती है. इसका असर घरेलू बाजार में कीमतों पर दिखाई देता है.
त्योहारी मांग से थम सकती है गिरावट
HDFC सिक्योरिटीज के कमोडिटीज सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, कमजोर वैश्विक संकेतों और मजबूत रुपये के कारण घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट जारी रही. वहीं, SmartWealth.ai के फाउंडर और प्रिंसिपल रिसर्चर पंकज सिंह का मानना है कि भारत में त्योहारी मांग और चीन की ओर से लगातार सोने की खरीदारी कीमतों को सहारा दे सकती है. हालांकि, रुपये में आगे भी मजबूती आती है तो घरेलू भाव पर दबाव बना रह सकता है. ऐसे में निवेशकों को केवल अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमतों ही नहीं, बल्कि रुपये की चाल पर भी नजर रखनी होगी.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना-चांदी कमजोर
विदेशी बाजारों में भी बुधवार को कीमती धातुओं की चमक फीकी पड़ी. स्पॉट गोल्ड 20.51 डॉलर यानी 0.49 प्रतिशत गिरकर 4,140.69 डॉलर प्रति औंस पर आ गया. वहीं, चांदी का भाव 1 प्रतिशत से ज्यादा टूटकर 58.49 डॉलर प्रति औंस रह गया, जो तीन महीने के निचले स्तर के करीब है. आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स की कमोडिटीज और करेंसीज रिसर्च एनालिस्ट वेदिका नार्वेकर के अनुसार, सोना 4,150 डॉलर प्रति औंस के नीचे फिसलकर नए साप्ताहिक निचले स्तर पर पहुंच गया. पिछले दो सप्ताह से सोना सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है और मजबूत डॉलर की वजह से इस पर दबाव बना हुआ है.
अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों पर निवेशकों की नजर
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, सोने और चांदी की अगली चाल तय करने में अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों की अहम भूमिका हो सकती है. निवेशक इन आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि इनके आधार पर डॉलर और ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों में बदलाव आ सकता है. फिलहाल मजबूत डॉलर, रुपये की चाल और वैश्विक बाजार के संकेत कीमती धातुओं की कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं. ऐसे माहौल में सोना-चांदी खरीदने या निवेश करने की योजना बना रहे लोगों के लिए बाजार के उतार-चढ़ाव पर नजर रखना जरूरी होगा.
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