सोने ने फिर पकड़ी रफ्तार, चांदी के भाव में बदलाव नहीं... जानें दिल्ली में क्या है ताजा रेट

करवाचौथ से ठीक पहले सोने की कीमतों में तेजी ने खरीदारों का ध्यान एक बार फिर अपनी ओर खींचा है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बुधवार को सोना 700 रुपये महंगा होकर 1,46,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया.

Delhi Gold Prices Rise Before Karwa Chauth Silver Steady
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करवाचौथ से ठीक पहले सोने की कीमतों में तेजी ने खरीदारों का ध्यान एक बार फिर अपनी ओर खींचा है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बुधवार को सोना 700 रुपये महंगा होकर 1,46,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. रुपये की कमजोरी ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव के बावजूद घरेलू कीमतों को सहारा दिया. वहीं, चांदी के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ और यह 1,98,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बनी रही. 

रुपये की कमजोरी से महंगा हुआ सोना

स्थानीय कारोबारियों के मुताबिक, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत बुधवार को 700 रुपये बढ़कर 1,46,500 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई, जबकि मंगलवार को इसका भाव 1,45,800 रुपये था. अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 21 पैसे कमजोर होकर 95.28 पर बंद हुआ. डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने रुपये पर दबाव बनाया. इससे सोने के आयात की लागत बढ़ी और घरेलू बाजार में कीमतों को समर्थन मिला. 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी पर दबाव

घरेलू बाजार में तेजी के उलट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई. HDFC सिक्योरिटीज के कमोडिटी विश्लेषक सौमिल गांधी के मुताबिक, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले से पहले निवेशक सतर्क रहे. वैश्विक बाजार में हाजिर सोना 14.05 डॉलर यानी 0.35 प्रतिशत गिरकर 4,046.28 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि चांदी 1.23 प्रतिशत फिसलकर 53.75 डॉलर प्रति औंस पर रही. मिरे एसेट शेयरखान के प्रवीण सिंह ने भी बताया कि सऊदी अरब की रास तनूरा तेल रिफाइनरी पर हूती हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई. 

फेड के फैसले पर टिकी बाजार की नजर

आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स की कमोडिटी और करेंसी रिसर्च एनालिस्ट वेदिका नारवेकर के अनुसार, निवेशक अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) के फैसले का इंतजार कर रहे थे. बाजार में आम तौर पर ब्याज दरों के स्थिर रहने की उम्मीद थी, लेकिन ऊर्जा की ऊंची कीमतों से महंगाई बने रहने के कारण साल के अंत से पहले दरों में बढ़ोतरी की आशंका भी जताई जा रही थी. ब्याज दरों में बदलाव और फेड के संकेत सोने की कीमतों की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं. 

क्या सोने के भाव में फिर आ सकती है गिरावट?

विश्लेषकों के मुताबिक, आने वाले दिनों में सोने की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है. वेदिका नारवेकर ने बताया कि गोल्ड-बैक्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF), जो अगस्त के बाद कीमतों में गिरावट के दौरान भी खरीदारी कर रहे थे, अब उनमें से निवेश की निकासी देखने को मिल रही है. यदि केंद्रीय बैंकों की खरीदारी में पर्याप्त तेजी नहीं आती है, तो सोने की कीमतें और नीचे जा सकती हैं. दूसरी ओर, चीन में कुछ परिवार गिरती कीमतों का फायदा उठाकर सोना खरीद रहे हैं, जबकि भारत में कई खरीदार त्योहारों के दौरान कीमतें और कम होने की उम्मीद में खरीदारी टाल रहे हैं. ऐसे में करवाचौथ से पहले खरीदारी करने वालों के लिए बाजार की चाल पर नजर रखना अहम रहेगा.