CUET UG एग्जाम का पैटर्न बदला,10 की बजाय चुन पाएंगे 6 ही सब्‍जेक्‍ट्स, 19 फरवरी से शुरू हो सकते हैं रजिस्ट्रेशन

    यूजीसी के अध्यक्ष एम जगदीश कुमार ने कहना है कि हायर रजिस्ट्रेशन वाले सब्जेक्ट्स के लिए, परीक्षा कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) फॉर्मेट के बजाय

    CUET UG एग्जाम का पैटर्न बदला,10 की बजाय  चुन पाएंगे 6 ही सब्‍जेक्‍ट्स, 19 फरवरी से शुरू हो सकते हैं रजिस्ट्रेशन

    कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट-अंडरग्रेजुएट (CUET UG) का एग्जाम अब हाइब्रिड मोड में आयोजित किया जाएगा. इससे कैंडिडेट्स, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को घर के करीब एग्जाम देने की अनुमति मिल सकेगी. CUET UG के तीसरे संस्करण को हाइब्रिड मोड में लेने का निर्णय ग्रामीण क्षेत्रों के उम्मीदवारों को उनके होम टाउन के आस-पास परीक्षा देने की अनुमति देने के लिए लिया गया है.

    OMR शीट का भी होगा इस्तेमाल

    यूजीसी के अध्यक्ष एम जगदीश कुमार ने कहना है कि हायर रजिस्ट्रेशन वाले सब्जेक्ट्स के लिए, परीक्षा कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) फॉर्मेट के बजाय OMR शीट का उपयोग करके आयोजित की जाएगी. इससे देश के सभी स्टूडेंट्स के लिए एक ही दिन और एक पाली में उन विशिष्ट विषयों की परीक्षा आयोजित करने में आसानी होगी.

    सेंट्रल यूनिवर्सिटीज में दाखिले के लिए होता है एग्जाम

    देश में तमाम सेंट्रल यूनिवर्सिटीज, जिसमें दिल्ली यूनिवर्सिटी, जामिया, JNU, इलाहाबाद यूनिवर्सिटी आदि शामिल है, के अंडरग्रेजुएट कोर्सों में एडमिशन के लिए CUET UG परीक्षा का आयोजन किया जाता है. यह नेशनल लेवल का एंट्रेंस एग्जाम है और इसका आयोजन पिछले दो साल से किया जा रहा है.

    19 फरवरी से रजिस्ट्रेशन शुरू होगा

    NTA और UGC के सीनियर ऑफिशियल्स के अनुसार, इस साल (तीसरे सेशन में) CUET 2024 एग्जाम 15 मई से 31 मई तक आयोजित किया जाएगा. इसके लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को 19 फरवरी, 2024 को शुरू हो सकती है. इसके अलावा, इस साल सब्जेक्ट्स की संख्या और डिफिकल्टी लेवल में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेगा.

    सब्जेक्ट चुनने की संख्या घटाई जाएगी

    बता दें कि CUET में विषयों के विकल्पों की संख्या 10 से घटाकर 6 कर दी गई है. दरअसल, पिछले साल के आंकड़ों से पता चला है कि अधिकतम उम्मीदवारों ने केवल 5 पेपरों का विकल्प चुना था. इसके अलावा, बड़ी संख्या में विकल्प होने के कारण कुछ स्टूडेंट्स के लिए एग्जामिनेशन सेंटर आवंटित करने में टेक्निकल प्रॉब्लम भी आ रही थीं.