दिल्ली में अध्यादेश पर विपक्ष हुआ एकजुट, Uddhav से मिले Kejriwal, 2024 को लेकर कही ये बात

    उद्धव ठाकरे से मुलाकात के दौरान सीएम केजरीवाल के साथ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह, राघव चड्ढा और दिल्ली की मंत्री आतिशी भी थीं.

    दिल्ली में अध्यादेश पर विपक्ष हुआ एकजुट, Uddhav से मिले Kejriwal, 2024 को लेकर कही ये बात

    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इन दिनों विपक्षी दलों को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहे हैं. दरअसल, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटते हुए अध्यादेश लाकर दिल्ली में ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर एलजी को अधिकार दे दिया है. अब अरविंद केजरीवाल केंद्र द्वारा लाए गए अध्यादेश का विरोध करने की कोशिश कर रहे हैं. इसके लिए उन्हें विपक्षी दलों के समर्थन की जरूरत है. इसी सिलसिले में केजरीवाल ने बुधवार को महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे से मुलाकात की है. इससे पहले मंगलवार को केजरीवाल ने बंगाल की सीएम ममता बनर्जी से मुलाकात की थी.

    हम देश और लोकतंत्र को बचाने के लिए साथ आएं- उद्धव 

    बुधवार को उद्धव ठाकरे से मुलाकात के दौरान सीएम केजरीवाल के साथ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह, राघव चड्ढा और दिल्ली की मंत्री आतिशी भी थीं. इस मुलाकात को लेकर उद्धव ने कहा कि हम देश और लोकतंत्र को बचाने के लिए साथ आए हैं. मुझे लगता है कि हमें विपक्षी दल नहीं कहना चाहिए, बल्कि केंद्र सरकार को विपक्ष कहना चाहिए क्योंकि वे संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ हैं.

    अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उद्धव ठाकरे ने वादा किया है कि वह संसद में हमारा समर्थन करेंगे और अगर यह बिल संसद में पारित नहीं हुआ तो मोदी सरकार 2024 में दोबारा सत्ता में नहीं आ पाएगी. 20 मई को केंद्र सरकार अध्यादेश लेकर लाई. इसके बाद 21 मई को बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की. सीएम नीतीश ने केजरीवाल का समर्थन किया. तब केजरीवाल ने कहा था कि अगर केंद्र सरकार इस अध्यादेश बिल को मानसून सत्र में लाती है और सभी विपक्षी पार्टियां इसका विरोध करती हैं तो 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी का सफाया हो जाएगा.

    कांग्रेस भी साथ देने को तैयार 

    केजरीवाल ने नीतीश कुमार से कहा कि विपक्षी पार्टियों को हमारा समर्थन करने के लिए कहें. मैं देश भर के विपक्षी दलों से भी मिलूंगा और उनका समर्थन मांगूंगा. इसके बाद ही नीतीश ने 22 मई को इसी मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी से मुलाकात की थी. इसके बाद कहा गया कि कांग्रेस इस मुद्दे पर केजरीवाल सरकार को समर्थन देने को तैयार हो गई है.