US Iran Attack: मध्य पूर्व में हालात एक बार फिर गंभीर होते नजर आ रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका की ओर से ईरान पर सीमित सैन्य कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है. इस बीच तेहरान ने कड़ा बयान जारी कर साफ कर दिया है कि अगर उस पर हमला हुआ तो वह जवाब जरूर देगा.
ईरान ने कहा है कि किसी भी टकराव की स्थिति में वह दुश्मन देशों के ठिकानों, सुविधाओं और संपत्तियों को निशाना बना सकता है. इस बयान को अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के लिए सीधी चेतावनी माना जा रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकाने और सहयोगी देशों की अहम संरचनाएं ईरान की पहुंच में हैं.
ट्रंप का 10 दिन का बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि आने वाले 10 दिन तय करेंगे कि ईरान समझौता करता है या अमेरिका सैन्य कार्रवाई की ओर बढ़ता है. माना जा रहा है कि वॉशिंगटन ईरान पर नए परमाणु या सुरक्षा समझौते के लिए दबाव बना रहा है. अगर बातचीत सफल नहीं होती, तो सीमित हमले की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है.
ब्रिटेन का अलग रुख
तनाव के बीच ब्रिटेन ने अमेरिका को अपने हवाई अड्डों का इस्तेमाल ईरान पर संभावित हमले के लिए करने की अनुमति नहीं दी है. इससे संकेत मिलता है कि पश्चिमी देशों के बीच इस मुद्दे पर पूरी सहमति नहीं है. कई यूरोपीय देश अभी भी कूटनीतिक समाधान को बेहतर विकल्प मान रहे हैं.
जानें संभावित असर
अगर अमेरिका सीमित सैन्य हमला करता है, तो इसके बड़े परिणाम हो सकते हैं. ईरान की जवाबी कार्रवाई खाड़ी क्षेत्र और तेल आपूर्ति मार्गों को प्रभावित कर सकती है. खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अहम मार्ग पर तनाव बढ़ने से दुनिया भर में तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं. साथ ही, यह संघर्ष बड़े युद्ध का रूप भी ले सकता है. फिलहाल हालात संवेदनशील बने हुए हैं और दुनिया की नजर इस पूरे घटनाक्रम पर टिकी है.
ये भी पढ़ें- Delhi: रेखा गुप्ता सरकार का एक साल हुआ पूरा, सीएम ने पेश किया रिपोर्ट कार्ड; जानें क्या कहा