पाकिस्तान में सक्रिय संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने एक नया वीडियो जारी किया है. इस वीडियो में कुछ लोग, जिन्हें पाकिस्तानी सैनिक बताया जा रहा है, बंदी हालत में दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में कम से कम 7 सैनिकों का जिक्र है, जबकि फुटेज में 8 लोग नजर आते हैं.
वीडियो में एक सैनिक रोते हुए कहता है कि उसने पाकिस्तान के लिए लड़ाई लड़ी, लेकिन अब सेना उसे अपना नहीं मान रही. वह कैमरे पर अपना सेना का पहचान पत्र दिखाते हुए कहता है कि अगर उसके पास आधिकारिक आईडी कार्ड है, तो फिर उसे सैनिक मानने से इनकार क्यों किया जा रहा है.
🚨 DEVELOPING: With only 3 days left in the 7-day deadline set by the BLA, new footage has emerged purportedly showing Pakistani Army personnel in custody.
— SILENT BRIEF (@SilentBriefHQ) February 20, 2026
Despite official silence, the video evidence appears to contradict previous denials of the capture. The BLA warns of… pic.twitter.com/FwvWLIyLOa
यह वीडियो पाकिस्तान सेना के उस दावे के खिलाफ माना जा रहा है, जिसमें कहा गया था कि उनका कोई भी सैनिक लापता नहीं है और न ही किसी उग्रवादी संगठन की हिरासत में है.
14 फरवरी को पकड़े जाने का दावा
BLA का कहना है कि इन सैनिकों को 14 फरवरी को पकड़ा गया था. संगठन ने उनकी रिहाई के बदले बलूच लड़ाकों को छोड़ने की मांग की है और इसके लिए 22 फरवरी तक का समय दिया है. चेतावनी दी गई है कि तय समय तक बातचीत शुरू नहीं हुई तो बंदियों को नुकसान पहुंचाया जा सकता है.
यह वीडियो BLA के आधिकारिक चैनल ‘हक्काल’ पर जारी किया गया. इसमें बंदी बनाए गए लोग ऊबड़-खाबड़ इलाके में घुटनों के बल बैठे दिखते हैं और उनके आसपास हथियारबंद लोग खड़े नजर आते हैं.
पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों का कहना है कि उनका कोई भी सैनिक लापता नहीं है.
बलूचिस्तान और BLA
बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) एक संगठन है जो बलूचिस्तान प्रांत की स्वतंत्रता की मांग करता है. इसकी शुरुआत 2000 के दशक की शुरुआत में हुई थी. कई देश इसे आतंकी संगठन मानते हैं.
संगठन का आरोप है कि बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों का सही लाभ स्थानीय लोगों को नहीं मिल रहा. BLA ने पाकिस्तानी सेना, सरकारी ठिकानों और चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) से जुड़े प्रोजेक्ट्स को भी निशाना बनाया है. यह संगठन अक्सर पहाड़ी इलाकों में छिपकर हमला करने की रणनीति अपनाता है.
बलूचिस्तान की स्थिति
बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा लेकिन सबसे गरीब प्रांत माना जाता है. यहां प्राकृतिक संसाधन काफी हैं, लेकिन शिक्षा, रोजगार और विकास के मामले में यह पीछे है. यह इलाका अफगानिस्तान और ईरान की सीमा से जुड़ा है और लंबे समय से अशांति और हिंसा का सामना कर रहा है.
आतंकवाद पर रिपोर्ट
ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2025 के अनुसार, पाकिस्तान आतंक से प्रभावित देशों में दूसरे स्थान पर है. रिपोर्ट में बताया गया है कि:
रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में TTP ने 482 हमले किए, जिनमें 558 लोगों की मौत हुई. यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में काफी ज्यादा है.
ये भी पढ़ें- महिला आतंकवादियों के लिए ट्रेनिंग सेंटर बना रहा लश्कर-ए-तैयबा, भारत के खिलाफ कैसी साजिश रच रहे मुनीर?