इस्लामाबाद: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक इंटरव्यू में कहा कि देश के इतिहास में सरकारें अक्सर सैन्य प्रतिष्ठान के प्रभाव में रही हैं. फ्रांस 24 को दिए इंटरव्यू में उनसे पूछा गया कि क्या जनरल असीम मुनीर ही पाकिस्तान के असली शासक हैं? इस पर उन्होंने जवाब दिया कि पाकिस्तान में एस्टैब्लिशमेंट का हमेशा से मजबूत असर रहा है और सेना देश की सबसे अहम संस्था है. उन्होंने कहा कि भारत और अफगानिस्तान से सुरक्षा चुनौतियों के कारण सेना चुनी हुई सरकार की मदद करती है.
यह बयान ऐसे समय आया है जब शहबाज शरीफ की सरकार ने जनरल असीम मुनीर को आर्मी चीफ से फील्ड मार्शल बना दिया है. साथ ही उन्हें चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेस (CDF) की जिम्मेदारी भी दी गई है. इन पदों के बाद उनकी ताकत और प्रभाव काफी बढ़ गया है. बताया जाता है कि वे विदेश दौरों पर भी जाते हैं, दूसरे देशों के नेताओं से मुलाकात करते हैं और विदेश नीति से जुड़े अहम फैसलों में भूमिका निभाते हैं.
Q: Is Field Marshal Munir the de-facto ruler of Pakistan?
— Shashank Mattoo (@MattooShashank) February 20, 2026
Pak Defence Minister: Pakistan has a history of the establishment controlling govts. Our army is the most important institution. Because of the threat from India and Afghanistan, they are helping the elected govt. pic.twitter.com/sQtDkMTX2c
अमेरिका पर भी साधा निशाना
ख्वाजा आसिफ ने हाल ही में संसद में अमेरिका की आलोचना भी की थी. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने पाकिस्तान का इस्तेमाल अपने हितों के लिए किया और बाद में उसे नजरअंदाज कर दिया. उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान ने 1999 के बाद अमेरिका के साथ फिर से रिश्ते मजबूत किए और अफगानिस्तान से जुड़े दो युद्धों में हिस्सा लिया, जिसे उन्होंने बड़ी गलती बताया.
आसिफ के मुताबिक, आज पाकिस्तान जिस आतंकवाद की समस्या से जूझ रहा है, वह उन फैसलों का नतीजा है. उन्होंने संसद में कहा कि ये युद्ध किसी धार्मिक वजह से नहीं लड़े गए थे, बल्कि उस समय की सरकारों को अंतरराष्ट्रीय समर्थन और वैधता चाहिए थी.
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