सार्थक विषयों पर चर्चा का नया मंच, ' Khul Ke App’ हुआ लॉन्च

    संवादी मंच के तौर पर नया ऐप 'खुल के' ने अपना कदम रखा है. जिसका उद्देश्य सहभागी लोकतंत्र के लिए एक माध्यम बनना है.

    सोशल मीडिया परिदृश्य में एक संवादी मंच के तौर पर एक और नया ऐप 'खुल के' ने अपना कदम रखा है. इस ऐप को लॉन्च करने का ऐलान बुधवार को किया गया. यह ऐप अपने सदस्यों को पूरी आजादी के साथ सार्थक विषयों पर चर्चा करने के लिए एक मंच प्रस्तुत करता है. इस मंच का उद्देश्य सहभागी लोकतंत्र के लिए एक माध्यम बनना है.

    सोशल मीडिया पर लॉन्च किया गया 'खुल के' ऐप

    'खुल के' ऐप के संस्थापक और सीईओ पीयूष कुलश्रेष्ठ का कहना है कि ‘खुल के’ प्लेटफॉर्म पर इस वक्त विज्ञान, प्रौद्योगिकी, राजनीति, कानून, रंगमंच और खेल की दुनिया से जुड़े मुद्दों पर खास चर्चा की जा रही है. प्रमुख राजनैतिक हस्तियों ने भी अपनी समझ और सोच को साझा करने के लिए इस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है. एक ही मंच पर इतनी सारी अलग-अलग क्षमताएं एक्सरसाइज का हिस्सा हैं. जबकि इसे सही उपयोग के लिए रखना इसका दूसरा महत्वपूर्ण हिस्सा है. हम चाहते हैं कि लोग आएं एवं उन चीजों पर चर्चा करें जो उनके लिए मायने रखती हैं.

    छोटे-छोटे विषयों को भी उजागर करेगा 'खुल के' ऐप

    इस ऐप के सीईओ पीयूष कुलश्रेष्ठ का कहना है कि अगर मेरे इलाके में पिछले 10 सालों से स्ट्रीट लाइट नहीं है और मैं इस विषय को उजागर नहीं करता हूं. तो मैं दूसरी सभी असभ्य चर्चाओं में शामिल हो जाता हूं. जिसका कोई मतलब नहीं है. पीयूष ने कहा कि हम आठ अलग-अलग कंटेंट एरिया को टैप कर रहे हैं. जो ये सुनिश्चित करेगा कि उनके लिए जो कुछ भी चल रहा है उसे प्रभावित करने के लिए ज्यादा जगह न हो. इसके अलावा ये ईकोसिस्टम हैं. जहां किसी राजनेता या ग्रुप को बातचीत करने की कोई प्रत्यक्ष आवश्यकता नहीं होगी.

    ऐप शॉर्ट और लॉन्ग दोनों वीडियो फॉर्मेट में उपलब्ध

    ये ऐप शॉर्ट और लॉन्ग दोनों वीडियो फॉर्मेट में उपलब्ध है. इसका इस्तेमाल महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीर बातचीत के लिए किया जा रहा है. 'खुल के' प्लेटफॉर्म ने पहले ही निवेशकों से निवेश हासिल कर लिया है. आगामी महीनों में इसके लिए और ज्यादा धन जुटाने की संभावना है.