चेन्नई से पहुंचे महंत ने PM को सेंगोल सौंपा, मोदी बोले- सेंगोल के साथ अतीत में क्या किया गया ये अब पता चला

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने निवास स्थान पर शाम को अधीनम महंतो से मुलाकात की. मुलाकात के बाद अपने संबोधन में पीएम मोदी ने इशारों-इशारों में विपक्ष को निशाने पर लिया.पीएम ने कहा कि हमें अब जाकर पता चला कि इस सेंगोल के साथ अतीत में क्या-क्या किया गया.

    चेन्नई से पहुंचे महंत ने PM को सेंगोल सौंपा, मोदी बोले-  सेंगोल के साथ अतीत में क्या किया गया ये अब पता चला

    नए संसद भवन का उद्घाटन भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार 28 मई को पूरे विधि-विधान के साथ करेंगे. इससे एक दिन पहले यानी शनिवार की शाम तमिलनाडु से पहुंचे अधीनम ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ सेंगोल को प्रधानमंत्री मोदी को सौंप दिया. बता दें कि सत्ता हस्तांतरण के प्रतीक और सांस्कृतिक विरासत के इस परंपरा को 21 अधीनम की उपस्थिति निर्वाहन किया गया. इस परंपरा के निष्पादन के दौरान, पीएम मोदी को एक सुनहरा अंगवस्त्रम दिया गया और फिर उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अधीनम से सेंगोल प्राप्त किया.

    'सेंगोल के साथ अतीत में क्या किया गया ये अब पता चला'

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने निवास स्थान पर शाम को अधीनम महंतो से मुलाकात की. मुलाकात के बाद अपने संबोधन में पीएम मोदी ने इशारों-इशारों में विपक्ष को निशाने पर लिया. पीेएम मोदी ने कहा कि हमारे स्वतंत्रता संग्राम में तमिलनाडु की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. भारत की आज़ादी में तमिल लोगों के योगदान को वो महत्व नहीं दिया गया जो दिया जाना चाहिए था. अब बीजेपी ने इस विषय को प्रमुखता से उठाना शुरू किया है. उन्होंने कहा कि तमिल परंपरा में शासन चलाने वाले को सेंगोल दिया जाता था, सेंगोल इस बात का प्रतीक था कि उसे धारण करने वाले व्यक्ति पर देश के कल्याण की ज़िम्मेदारी है और वो कभी कर्तव्य के मार्ग से विचलित नहीं होगा. 

    'मुझे इस बात की भी बहुत खुशी है कि कल..'

    प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा आज मेरे निवास स्थान पर आप सभी के चरण पड़े हैं ये मेरे लिए सौभाग्य का विषय है. मुझे इस बात की भी बहुत खुशी है कि कल नए संसद भवन के लोकार्पण के समय आप सभी वहां आकर आशीर्वाद देने वाले हैं:  हमारे स्वतंत्रता संग्राम में तमिलनाडु की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. भारत की आज़ादी में तमिल लोगों के योगदान को वो महत्व नहीं दिया गया जो दिया जाना चाहिए था. अब भाजपा ने इस विषय को प्रमुखता से उठाना शुरू किया है.

    दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार (24 मई) को घोषणा की थी कि ब्रिटिश शासन द्वारा भारत को सत्ता हस्तांतरण के प्रतीक के रूप में प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को दिया गया ऐतिहासिक 'सेंगोल' संसद भवन नए में स्थापित किया जाएगा. उनके दावे को कांग्रेस ने खारिज कर दिया था