राहुल गांधी के समर्थन में विपक्ष के एकजुट होने से कांग्रेस की बढ़ी ताकत...अब 35 शहरों में दो दिन करेगी प्रेस कांफ्रेंस

    कांग्रेस अब लगातार केंद्र में मोदी सरकार पर हमलावर है, इसके लिए कांग्रेस ने कई रणनीति भी तैयार की है. आपको बताते चले कि कांग्रेस ने 28 और 29 मार्च को देश भर के 35 शहरों में एक साथ प्रेस कांफ्रेंस कर सरकार को घेरने की बात कही है.

    राहुल गांधी के समर्थन में विपक्ष के एकजुट होने से कांग्रेस की बढ़ी ताकत...अब 35 शहरों में दो दिन करेगी प्रेस कांफ्रेंस

    राहुल गांधी के समर्थन में विपक्ष के एकजुट होने से कांग्रेस की बढ़ी ताकत...अब देश के 35 शहरों में दो दिन बताएगी सच
    राहुल गांधी के मोदी सरनेम को लेकर मानहानि मामले में दो साल की सजा होने के बाद उन्होंने संसद की सदस्यता को गंवा दिया है. हालांकि की सूरत की सेशन कोर्ट ने उन्हें कहा कि राहुल 30 दिनों के भीतर दूसरी जगह अपील कर सकते हैं. बता दें कि अब इस मुद्दे को लेकर पूरा विपक्ष सत्ता के विरोध में एकजुट हो चुका है. वहीं, कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष ने संसद में ब्लैक प्रोटेस्ट किया था. 

    कांग्रेस ने की रणनीति तैयार  

    कांग्रेस अब लगातार केंद्र में मोदी सरकार पर हमलावर है, इसके लिए कांग्रेस ने कई रणनीति भी तैयार की है. आपको बताते चले कि कांग्रेस ने 28 और 29 मार्च को देश भर के 35 शहरों में एक साथ प्रेस कांफ्रेंस कर केंद्र सरकार को घेरने की बात कही है. इसको लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयरमेश ने ट्वीट कर जानकारी दी है. 

    देश भर के 35 शहरों में कांग्रेस करेगी प्रेस कांफ्रेंस 

    बता दें कि जयराम रमेश ने प्रेस कांफ्रेंस के लिए  ट्वीट कर लिखा- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता 28 और 29 मार्च को 35 शहरों में 'डेमोक्रेसी डिसक्वालिफाइड' पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. अन्य मुद्दों के अलावा, मोदानी की वास्तविकता और नीरव मोदी और ललित मोदी को मोदी सरकार की क्लीन चिट पर भी प्रकाश डाला जाएगा. 

    राहुल गांधी के समर्थन में ये पार्टी हुई लामबंद 

    लोकसभा सचिवालय के द्वारा राहुल गांधी को अयोग्य घोषित करने के बाद ही कांग्रेस नेता विरोध करने के लिए काले कपड़े पहनकर पहुंचे. बता दें कि इससे पहले कांग्रेस के नेतृत्व में कई विपक्षी पार्टियों के बीच मीटिंग भी हुई. इसमें डीएमके, कांग्रेस, जदयू, सपा, आरजेडी. सीपीएम, एनसीपी, सीपीआई, सपा, आप, एमडीएमके, केसी, टीएमसी,  एनसी, शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद शामिल हुए. बैठक मल्लिकार्जुन खड़गे के संसद में स्थित चेंबर में हुई. इस बैठक में ज्यादातर नेता काले कपड़े पहनकर पहुंचे.