सास पड़ी बीमार तो बहू ने आगे बढ़ाया परंपरा, छठ करने हांगकांग से पहुंची खगड़िया

बिहार में लोक आस्था के महापर्व छठ की धूम शहर से लेकर गांवों तक दिख रही है. देश के अलग-अलग हिस्सों से हजारों लोग तमाम परेशानियां झेलकर छठ के लिए अपने घर पहुंचे हैं. खगड़िया की एक बहू अपने पति के साथ हांगकांग में थी, पता चला कि उसकी सास बीमार हैं, इस बार छठ नहीं मनाया जायेगा. इसके बाद बहू नहीं मानी और छठ मनाने के लिए हांगकांग से अकेले ही ससुराल आ गयी. घर की परंपरा को टूटने नहीं दिया गया.

छठ मनाने के लिए बहू हांगकांग से खगड़िया पहुंची

छठ पर्व के मौके पर खगड़िया की बहू शिवानी सिंह की सास बीमार पड़ गईं. अब कैसे होगा छठ? खगड़िया से लेकर हांगकांग तक चिंता का समंदर तैरने लगा. बहू को लगा कि वर्षों से चली आ रही पुश्तैनी परंपरा टूट जाएगी. इसके बाद शिवानी का दिल नहीं माना और वह हांगकांग से अकेले ही अपने ससुराल खगड़िया आ गयी. अब छठ का त्योहार घर पर हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है.

सास बीमार पड़ गई तो बहू ने इस परंपरा को आगे बढ़ाया

बताया जा रहा है कि शिवानी सिंह 20 साल से अपने पति के साथ हांगकांग में रह रही हैं. काम के सिलसिले में खगड़िया आना-जाना था. लेकिन, इस बार वह छठ पूजा करने के लिए अपने ससुराल आई थीं. दरअसल, छठ से ठीक पहले उनकी सास बीमार पड़ गईं. छठ की परंपरा टूटने वाली है. बहू का दिल नहीं माना और वह हांगकांग से अकेले ही खगड़िया पहुंच गयी. शिवानी सिंह का ससुराल परबत्ता प्रखंड के सियादतपुर अगुआनी गांव में है.

पति हैं हांगकांग में सॉफ्टवेयर इंजीनियर

शिवानी सिंह ने मीडिया को बताया कि उनके पति प्रवीण सिंह हांगकांग में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं. व्यस्त कार्यक्रम और बच्चों की परीक्षाओं के कारण उनके पति और बच्चे 19 तारीख (रविवार) को पहुंचेंगे. लेकिन, छठ की तैयारी पहले से होती है इसलिए उन्होंने हांगकांग से अकेले आने का फैसला किया. उनकी 67 वर्षीय सास रूपा सिंह 32 वर्षों से छठ मनाती आ रही हैं. इस बार यह परंपरा टूटने की कगार पर थी इसलिए इसका आना जरूरी हो गया.