8वीं के छात्र ने लगाई फांसी, पिता ने प्रिंसिपल और टीचर पर लगाया गंभीर आरोप

    Jharkhand News : हजारीबाग के कोनरा में एक 8वीं क्लास के छात्र ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्‍महत्‍या कर ली. फांसी लगाने वाला छात्र रेहान अशरफ 15 साल का था. मृतक के पिता ने बताया कि रसोइया धमना के चकूरा टाड़ में स्थित रॉयल आर्किड इंटरनेशनल स्कूल में उनका बेटा 8वीं कक्षा में पढ़ाई करता था. शनिवार को उसकी वार्षिक परीक्षा थी. परीक्षा के दौरान स्कूल से फोन आया कि उनका बेटा परीक्षा देने के दौरान चीटिंग करता पकड़ा गया है. 

    क्या है पूरा मामला

    पिता जब घर आए तो देखें कि रेहान अशरफ बैठा हुआ है. उसी दौरान घर में पीने वाला पानी खत्म हो गया था जिसके चलते पिता रेहताज पानी लेने बाहर गए. जब पानी लेकर घर पहुंचे तो देखा कि पंखा लगाने वाले हुक में झूले वाली रस्सी के सहारे उनका पुत्र गले में फंदा लगाकर लटका हुआ है. इसके बाद शोर-शराबा होने पर आसपास के लोग आ गए और किसी तरह उसे नीचे उतारा. छात्र को अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया. 

    पिता ने प्रिंसिपल और टीचर पर लगाया आरोप

    घटना की सूचना मिलने पर पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए हजारीबाग भेज दिया. मृतक के पिता ने स्कूल के प्रधानाध्यापक व शिक्षकों पर शिकायत दर्ज की है.  पिता ने स्कूल के प्रिंसिपल अनूप कुमार सिंह, क्लास टीचर शुभाशीष और प्रशांत कुमार पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि उक्त तीनों ने परीक्षा में नकल का आरोप लगाकर बच्चे को मानसिक रूप से काफी प्रताड़ित किया है. जिससे बच्चे ने फांसी लगा ली. उन्होंने सभी के खिलाफ बेटे की हत्या का प्राथमिकी दर्ज कर उचित कार्रवाई की मांग की है.

    दो बच्चे नकल करते पकड़े गए

    स्कूल के प्राचार्य ने कहा कि मृतक छात्र रेहान के परिजनों ने बेबुनियाद आरोप लगाया है. प्राचार्य ने बताया कि शनिवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक स्कूल की वार्षिक परीक्षा हो रही थी. अंग्रेजी विषय की परीक्षा थी, जिसमें दो लोगों को नकल करते पकड़ा गया, जिसमें मो. रेहान व गगन कुमार सिंह शामिल थे. स्कूल की ओर से दोनों के परिजनों को बुलाया गया, जिसमें मो. रेहान के पापा स्कूल पहुंचे और स्कूल के प्रिंसिपल से बात किए. वहीं  स्कूल के नियमों का हवाला देते हुए दोबारा परीक्षा देने की बात कही गई. चूंकि बच्चा स्कूल बस से आया था इसलिए उसे स्कूल बस से ही भेज दिया गया. उसके बाद पिता भी अपने घर चला गया. प्राचार्य ने कहा कि यहां बच्चे के साथ किसी भी तरह की बदसलूकी नहीं की गई, जो कुछ भी हुआ वह पूरी तरह से सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया.